जयपुर: एआई तकनीक से पहचान, 48 लाख लूटने वाले शातिर बदमाश की पुलिस ने की गिरफ्तारी

मुख्य बातें
- •राजस्थान के जयपुर के भांकरोटा इलाके में बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर 47.90 लाख रुपये लूटे गए।
- •आरोपी निखिल तिवाड़ी ने हर बार कैप लगाकर चलने से पुलिस के लिए चेहरे की पहचान मुश्किल हो रही थी।
- •पुलिस ने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर आरोपी की तस्वीर तैयार की और उसकी पहचान निखिल तिवाड़ी के रूप में की।
- •आरोपी की पत्नी के मोबाइल लोकेशन के आधार पर उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में पुलिस ने उसे पकड़ा।
राजस्थान के जयपुर स्थित भांकरोटा इलाके में हुए एक गंभीर लूट कांड में पुलिस ने एक शातिर अपराधी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक की मदद से गिरफ्तार किया है। इस घटना में एक बुजुर्ग दंपती को 21 मई से 25 मई तक बंधक बनाकर रखा गया और उन्हें धमकाकर 47.90 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी निखिल तिवाड़ी ने हर संभव तरीके से अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन अंततः एआई तकनीक ने उसकी पहचान उजागर कर दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लूट की वारदात के बाद जांच टीम ने पूरे इलाके और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की। हालांकि, आरोपी हर बार कैप लगाकर चलता था, जिससे उसके चेहरे की पहचान करना मुश्किल हो रहा था। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में पुलिस की तकनीकी शाखा ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया। तकनीकी टीम ने विभिन्न कैमरों से मिले फुटेज के स्क्रीनशॉट्स एकत्रित किए और एआई की मदद से आरोपी की एक साफ तस्वीर तैयार की गई। इस तस्वीर को पुलिस के क्राइम रिकॉर्ड और डेटाबेस से मिलान किया गया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी निखिल तिवाड़ी की पहचान हुई।






