वाराणसी की बेनियाबाग मंडी बकरीद से पहले भी नहीं खुली, व्यापारी बोले - प्रशासन की कार्रवाई से हमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ

मुख्य बातें
- •वाराणसी की बेनियाबाग मंडी बकरीद से पहले भी नहीं खुल सकी।
- •व्यापारी बोल रहे हैं कि प्रशासन की कार्रवाई से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
- •बेनियाबाग मंडी में मौजूद करीब 250 व्यापारी प्रभावित हुए हैं।
- •नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रशासन के अलग-अलग तर्क सामने आए हैं।
- •उत्तर प्रदेश सरकार भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है और अवैध पशु वध रोकने के लिए कदम उठा रही है।
वाराणसी में बेनियाबाग की बकरा मंडी बकरीद से पहले भी नहीं खुल सकी। इस मामले में व्यापारी बोल रहे हैं कि प्रशासन की कार्रवाई से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बेनियाबाग मंडी में व्यापार करने वाले व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम की टीम ने मंडी में मौजूद व्यापारियों को करीब एक घंटे का समय देकर बाहर कर दिया और फिर परिसर में ताला लगा दिया।
व्यापारी शमीम ने बताया कि उन्होंने स्मार्ट सिटी से करीब 22 से 24 लाख रुपये में मंडी का ठेका लिया था। उनका आरोप है कि नगर निगम ने बिना पूर्व सूचना के अचानक कार्रवाई कर मंडी बंद कर दी। उन्होंने कहा कि न तो पहले कोई नोटिस दिया गया और न ही स्पष्ट कारण बताया गया।
इटावा से 65 बकरे लेकर पहुंचे व्यापारी संजय कुमार ने कहा कि वह पिछले 10 वर्षों से बेनियाबाग मंडी में व्यापार करने आते रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार रात ही वह वाराणसी पहुंचे थे और उम्मीद थी कि प्रशासन कोई समाधान निकालेगा, लेकिन अब बकरीद शुरू होने वाली है और उनका माल नहीं बिक पाया। उन्होंने कहा कि इस बार वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।






