असम सरकार ने विधानसभा में पेश किया 'यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी, असम, 2026)' बिल, समान नागरिक कानून की दिशा में बड़ा कदम

मुख्य बातें
- •असम सरकार ने राज्य विधानसभा में 'यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी, असम, 2026)' बिल पेश किया।
- •मंत्री अरूप बोरा ने बताया कि यह बिल राज्य के सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- •यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति के अधिकार जैसे मुद्दों पर एक समान कानून बनाना है।
- •राज्य सरकार का मानना है कि इससे समाज में समानता और न्याय की भावना को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के विकास में मदद मिलेगी।
- •राज्य विधानसभा में इस बिल पर व्यापक चर्चा की संभावना है और विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।
असम सरकार ने सोमवार, [तारीख यदि उपलब्ध हो तो भरें] को राज्य विधानसभा में 'यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी, असम, 2026)' नामक एक महत्वपूर्ण बिल पेश किया। यह बिल राज्य में समान नागरिक कानून लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस बिल के माध्यम से अलग-अलग समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों को एक समान ढांचे में लाने का प्रस्ताव रखा गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास देश में समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।






