बीसीई में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी कानूनों पर हुई चर्चा
मुख्य बातें
- •बीसीई की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में महिलाओं की कार्यस्थल सुरक्षा पर चर्चा हुई।
- •सरकार ने कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनों में संशोधन किए हैं, जिसमें पॉक्सो एक्ट और यौन उत्पीड़न अधिनियम शामिल हैं।
- •मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और समानता समाज की प्रगति का आधार है और कानूनों को और प्रभावी बनाया जाएगा।
- •महिला अधिकार संगठनों ने सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की वृद्धि और महिला शौचालयों की व्यवस्था जैसे सुझाव रखे।
- •सरकार द्वारा महिला अपराधों के मामलों में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे।
नई दिल्ली, [तारीख] - बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार आर्थिक परिषद (बीसीई) की बैठक में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी कानूनों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में सरकारी अधिकारियों, महिला अधिकार संगठनों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान महिलाओं के कार्यस्थल पर सुरक्षा, समान अवसर और उत्पीड़न निवारण जैसे मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार ने हाल ही में कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कई कानूनों में संशोधन किए हैं। इनमें विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (पॉक्सो एक्ट) और कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 शामिल हैं। इसके अलावा, सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के मानकों के अनुरूप कानूनों को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया है।
