सीबीआई ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में लातूर के डॉक्टर और पुणे के कोचिंग शिक्षक को किया गिरफ्तार
मुख्य बातें
- •सीबीआई ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में लातूर के डॉक्टर और पुणे के कोचिंग शिक्षक को गिरफ्तार किया।
- •गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों पर पेपर लीक कराने और अवैध लाभ लेने का आरोप है।
- •सीबीआई को गिरफ्तारी के दौरान संदिग्ध दस्तावेज और सबूत मिले हैं।
- •मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि जांच आगे बढ़ रही है।
- •नीट पेपर लीक मामले ने पूरे देश में हंगामा मचा दिया था, क्योंकि लाखों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ा।
नई दिल्ली, 10 जुलाई 2024 – केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2024 के पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लातूर के एक डॉक्टर और पुणे के एक कोचिंग संस्थान के शिक्षक को गिरफ्तार किया है। सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों पर परीक्षा के पेपर लीक कराने और अवैध लाभ लेने का आरोप है।
गिरफ्तार किए गए लातूर निवासी डॉक्टर का नाम डॉ. राहुल देशमुख है, जबकि पुणे के कोचिंग संस्थान के शिक्षक का नाम प्रोफेसर अरविंद जोशी बताया जा रहा है। सीबीआई ने बताया कि दोनों के खिलाफ मामले की जांच के दौरान पर्याप्त सबूत मिले हैं। आरोप है कि डॉ. देशमुख ने अपने चिकित्सा कनेक्शन का इस्तेमाल करते हुए पेपर लीक कराने में मदद की, जबकि प्रोफेसर जोशी ने अपने कोचिंग संस्थान के माध्यम से छात्रों को पेपर की जानकारी पहुंचाई।
