सीबीएसई के ऑनलाइन मूल्यांकन मॉडल OSM पर उठे सवाल, ब्लैक लिस्टेड कंपनी को मिला काम?

मुख्य बातें
- •सीबीएसई ने 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए OSM प्रणाली अपनाई, जिसमें 98 लाख से अधिक पुस्तिकाओं को ऑनलाइन स्कैन किया गया।
- •स्टूडेंट्स और पैरेंट्स का आरोप है कि OSM प्रणाली के कारण परिणामों में गिरावट आई है और पुस्तिकाओं में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं।
- •सीबीएसई पर आरोप है कि उसने OSM के तहत हैदराबाद की कंपनी कोएम्ट एडुटेक को काम सौंपा, जो तेलंगाना बोर्ड के साथ विवादों में रही है।
- •गवर्निंग बॉडी की सिफारिश थी कि OSM प्रणाली को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाए, लेकिन इसे दरकिनार कर सीधे लागू कर दिया गया।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा इस वर्ष 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए अपनाए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पर अब विवाद तेज हो गया है। OSM प्रणाली के तहत, 98 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल रूप से स्कैन कर ऑनलाइन शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए भेजा गया था। हालांकि, इस प्रणाली को लेकर स्टूडेंट्स और पैरेंट्स द्वारा कई आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि OSM के कारण परिणामों में गिरावट आई है। इसके अलावा, हाल ही में कुछ मामलों में स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं में नंबर देने में गड़बड़ी, पुस्तिकाओं में बदलाव और गायब होने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे सीबीएसई का OSM सिस्टम सवालों के घेरे में आ गया है।






