सीबीएसई के डेटा लीक मामले ने फिर खड़ी कर दी बड़ी मुसीबत, 4.5 लाख स्टूडेंट्स का पर्सनल डेटा खतरे में

मुख्य बातें
- •सीबीएसई के 12वीं स्कैन कॉपी पोर्टल पर लगभग 4.5 लाख स्टूडेंट्स के ईमेल और मोबाइल नंबर लीक होने का दावा किया गया है।
- •सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए ट्वीट में आरोप लगाया गया कि पोर्टल के माध्यम से किसी भी रजिस्टर्ड अकाउंट से यह जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
- •एथिकल हैकर निसर्ग ने दावा किया कि सीबीएसई का एक और लाइव प्रोडक्शन पोर्टल हैक हुआ है, जिसमें बड़ी मात्रा में PII लीक हुई है।
- •सीबीएसई ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, जबकि स्टूडेंट्स को अपने व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की लापरवाही और खराब सुरक्षा व्यवस्था ने न केवल स्टूडेंट्स की मुश्किलें बढ़ाई हैं, बल्कि उनके व्यक्तिगत डेटा को भी खतरे में डाल दिया है। हाल ही में सामने आए दावों के अनुसार, सीबीएसई के 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन करने वाले लगभग 4.5 लाख स्टूडेंट्स का पर्सनल डेटा लीक हो गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक ट्वीट में आरोप लगाया गया है कि सीबीएसई का री-इवैल्यूएशन और फोटोकॉपी पोर्टल स्टूडेंट्स के ईमेल एड्रेस और मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर देता है। यह जानकारी किसी भी प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड अकाउंट से प्राप्त की जा सकती है।





