सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी खराबी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मांगी रिपोर्ट; आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई गई

मुख्य बातें
- •सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी खराबियों के कारण छात्रों को पेमेंट फेल, पोर्टल बंद होने और स्कैन कॉपी में समस्याओं का सामना करना पड़ा।
- •केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई से तकनीकी खराबियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें सर्वर डाउन और पेमेंट गेटवे की समस्याएं शामिल हैं।
- •सीबीएसई ने 98.6 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के तहत मूल्यांकन किया, जिसके बाद पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए।
- •तकनीकी खराबियों के कारण पुनर्मूल्यांकन आवेदन की अंतिम तिथि 24 मई तक बढ़ाई गई है, और जिन छात्रों को स्कैन कॉपी नहीं मिली है, उनके लिए पोर्टल दो अतिरिक्त दिन खुला रहेगा।
- •सीबीएसई ने आश्वासन दिया है कि प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न की जाएगी, और तकनीकी खराबियों के कारण किसी भी छात्र को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी खराबियों के कारण बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई से तकनीकी खराबियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्री ने सीबीएसई से पूछा है कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान सर्वर क्यों डाउन हुआ और पेमेंट गेटवे में किस प्रकार की परेशानियां आईं। छात्रों ने पोर्टल बंद होने, पेमेंट फेल होने और उत्तर पुस्तिकाओं की धुंधली या अधूरी स्कैन कॉपियों जैसी शिकायतें की हैं।






