नए रक्षा प्रमुख एनएस राजा सुब्रमणि ने संभाली कमान, जानिए क्या हैं सीडीएस के अधिकार और सीमाएं

मुख्य बातें
- •नए सीडीएस एनएस राजा सुब्रमणि ने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया, जिन्होंने 30 मई 2024 को पद छोड़ दिया।
- •सीडीएस पद का मुख्य उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करना है।
- •सीडीएस युद्ध शुरू करने का अधिकार नहीं रखता; युद्ध संबंधी फैसले राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं।
- •दुनिया के अन्य देशों में भी सीडीएस के समान पद मौजूद हैं, जैसे अमेरिका में 'चेयरमैन ऑफ द जॉइन्ट चीफ ऑफ स्टाफ' और ब्रिटेन में 'चीफ ऑफ द डिफेंस स्टाफ'।
भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने आज अपना कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया, जिन्होंने 30 मई 2024 को अपना कार्यकाल पूरा किया था। यह पद भारत सरकार द्वारा तीनों सेनाओं—थल सेना, नौसेना और वायु सेना—के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया था। सीडीएस का पद युद्ध शुरू करने का अधिकार नहीं रखता, बल्कि यह सैन्य मामलों में रक्षा मंत्री का प्रमुख सलाहकार होता है। भारत में युद्ध या बड़े सैन्य अभियानों का अंतिम निर्णय राजनीतिक नेतृत्व द्वारा किया जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी शामिल होती है।





