वर्ल्ड बैंक की इमरजेंसी फंड तैयारी: 27 देशों ने बढ़ते वैश्विक संकट के मद्देनजर मांगी मदद, भारत का नाम अभी बाहर!

मुख्य बातें
- •विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार 27 विकासशील देश आपातकालीन स्थिति के लिए इमरजेंसी फंड की मांग कर रहे हैं।
- •मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल की ऊंची कीमतों के कारण कई देशों को आर्थिक संकट की आशंका है।
- •अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के कई देश इस सूची में शामिल हैं, लेकिन भारत का नाम अभी तक शामिल नहीं किया गया है।
- •वैश्विक आर्थिक संकट के बढ़ने से आम लोगों पर महंगाई, बेरोजगारी और आवश्यक वस्तुओं की ऊंची कीमतों का असर पड़ेगा।
दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच कई देशों ने भविष्य में आने वाले बड़े वित्तीय संकट से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। विश्व बैंक द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 27 विकासशील देश ऐसे हैं, जो अपने देश में आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ ऋण समझौतों पर चर्चा कर रहे हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य है कि यदि भविष्य में तेल संकट, युद्ध, प्राकृतिक आपदा या आर्थिक मंदी जैसी स्थितियां उत्पन्न होती हैं, तो उनके पास पर्याप्त फंड उपलब्ध हो सके।
विश्व बैंक और अन्य वैश्विक वित्तीय संस्थाएं आमतौर पर देशों को आर्थिक संकट, युद्ध, प्राकृतिक आपदा या तेल संकट जैसी आपात स्थितियों में तुरंत वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं। इस सहायता को इमरजेंसी फंड के रूप में जाना जाता है। अब 27 देश चाहते हैं कि ऐसे फंड तक उनकी पहुंच पहले से सुनिश्चित हो, ताकि अप्रत्याशित स्थिति में उन्हें लंबा इंतजार न करना पड़े। हालांकि, विश्व बैंक की इस रिपोर्ट में शामिल सभी देशों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है, फिर भी सूत्रों के अनुसार अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के कई विकासशील देश इस सूची में शामिल हैं। इन देशों ने पहले भी आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया है और अब वे भविष्य के संकट से निपटने के लिए अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहते हैं।






