दिल्ली: डीपीएस द्वारका में फीस वृद्धि विवाद के बीच छात्रों पर अत्याचार के आरोप, नियमित कक्षाओं से वंचित रखना और शौचालय तक रखी गई निगरानी
मुख्य बातें
- •डीपीएस द्वारका में फीस वृद्धि के विरोध के बाद छात्रों पर अत्याचार के आरोप लगे हैं।
- •प्रशासन ने छात्रों को नियमित कक्षाओं में जाने से रोक दिया है और शौचालय तक पर निगरानी रखी जा रही है।
- •छात्रों और अभिभावकों ने इस कदम को अत्याचार बताया है और इसका कड़ा विरोध किया है।
- •स्कूल प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि शिक्षा विभाग ने जांच के निर्देश दिए हैं।
नई दिल्ली, [तारीख] – दिल्ली के डीपीएस द्वारका में फीस वृद्धि के विरोध के बाद छात्रों पर अत्याचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, स्कूल प्रशासन ने छात्रों को नियमित कक्षाओं में जाने से रोक दिया है और यहां तक कि शौचालय तक पर निगरानी रखी जा रही है। इस मामले में छात्रों और अभिभावकों ने प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डीपीएस द्वारका में फीस में हुई वृद्धि के खिलाफ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रशासन ने छात्रों को नियमित कक्षाओं में जाने से रोक दिया और उन्हें स्कूल परिसर में ही सीमित रखा। इसके अलावा, स्कूल के अधिकारियों ने शौचालय तक जाने पर भी निगरानी रखनी शुरू कर दी, जिससे छात्रों को बेहद असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि यह कदम अत्याचार की सीमा पार कर गए हैं। एक अभिभावक ने बताया कि उनके बच्चे को स्कूल में बंद रखा जा रहा है और उन्हें नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं होने दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि यह उनके बच्चे के अधिकार का हनन है। वहीं, एक अन्य छात्र ने बताया कि उन्हें शौचालय जाने के लिए भी अनुमति नहीं दी जा रही, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है।



