दिल्ली-एनसीआर में परिवहन क्रांति: 35 हजार करोड़ रुपये की 5 बड़ी परियोजनाएं, जानिए क्या होगा फायदा
मुख्य बातें
- •दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम कम करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए केंद्र व दिल्ली सरकार 35 हजार करोड़ रुपये की 5 प्रमुख सड़क परियोजनाएं शुरू कर रही हैं।
- •दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाला यूईआर-2 एक्सटेंशन मार्ग 17 किलोमीटर लंबा, 6-लेन और 3,500 करोड़ रुपये लागत का होगा, जिससे आईजीआई एयरपोर्ट, द्वारका, गुरुग्राम समेत कई इलाकों में यातायात दबाव कम होगा।
- •नोएडा-फरीदाबाद संपर्क कॉरिडोर 65 किलोमीटर लंबा, 6-लेन और 7,500 करोड़ रुपये लागत का होगा, जो लोनी, गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद को जोड़ेगा तथा कालिंदी कुंज, सराय काले खां जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक कम करेगा।
- •यूईआर-2 के किनारे 26 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड (6,500 करोड़ रुपये) बनाई जाएगी, जिससे मुख्य मार्ग पर जाम कम होगा तथा स्थानीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- •शिव मूर्ति-नेल्सन मंडेला मार्ग सुरंग (8 किलोमीटर, 7,000 करोड़ रुपये) द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज से जोड़ेगी, जिससे महिपालपुर, रंगपुरी और धौला कुआं क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यातायात की भीड़ को कम करने और कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार मिलकर व्यापक स्तर पर काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दोनों सरकारें मिलकर आधुनिक सड़क और संपर्क परियोजनाओं के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर को भविष्य के अनुरूप परिवहन नेटवर्क के रूप में विकसित करने में जुटी हुई हैं। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ दिल्ली-एनसीआर की प्रमुख सड़क एवं संपर्क परियोजनाओं को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के बाद गडकरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि दिल्ली को जाममुक्त बनाने, ट्रैफिक दबाव कम करने और बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए कई नई एक्सप्रेसवे, सुरंग, एलिवेटेड कॉरिडोर और संपर्क मार्ग परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।
