मध्य प्रदेश में 53 गर्भवती महिलाओं की मौतों पर एनएचआरसी ने लिया स्वतः संज्ञान
मुख्य बातें
- •राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश में 53 गर्भवती महिलाओं की मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया है।
- •एनएचआरसी ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट और मुआवजा योजना की मांग की है।
- •सरकार ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है।
- •आयोग ने सरकार को सात दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।
- •इस मामले में भविष्य में कानूनी कार्रवाई की भी संभावना है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में 53 गर्भवती महिलाओं की कथित तौर पर हुई मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में आयोग ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के अनुसार, ये मौतें विभिन्न जिलों में हुई हैं और इनमें ज्यादातर मामले सरकारी अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े हुए हैं।
एनएचआरसी ने इस संबंध में 23 अगस्त, 2024 को एक पत्र जारी कर मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है। पत्र में सरकार से मृत महिलाओं के परिवारों को मुआवजा देने, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने यह भी मांग की है कि राज्य सरकार उन महिलाओं की पहचान सार्वजनिक करे जिन्होंने इन मौतों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
मध्य प्रदेश सरकार ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि वे आयोग के नोटिस का जवाब तैयार कर रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि सरकार गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही है और इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।





