ताजमहल पर मार्को रुबियो के फोटो से उठा विवाद, ईरान ने कसा तीखा तंज

मुख्य बातें
- •अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 25 मई को ताजमहल पर पत्नी और अमेरिकी राजदूत के साथ फोटो खिंचवाई।
- •ईरान के हैदराबाद स्थित दूतावास ने इस फोटो पर तीखा व्यंग्य करते हुए लिखा कि रुबियो को इतिहास की जानकारी नहीं है।
- •ताजमहल का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में 1632 से 1653 के बीच कराया था।
- •मुमताज महल का मूल नाम अर्जुमंद बानो बेगम था और वह ईरानी मूल की थीं, जिनके पिता मुगल दरबार में प्रधानमंत्री थे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान ली गई ताजमहल के सामने पत्नी के साथ खिंची गई तस्वीर अब विवादों में घिर गई है। 23 से 26 मई तक चार दिन की भारत यात्रा पर आए रुबियो सोमवार, 25 मई को आगरा स्थित ताजमहल पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी पत्नी और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ फोटो खिंचवाई। इस तस्वीर के सामने ईरान के हैदराबाद स्थित दूतावास ने एक पोस्ट साझा करते हुए तीखा व्यंग्य किया है। ईरानी दूतावास ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “अगर रुबियो को इतिहास या वास्तुकला की थोड़ी भी जानकारी होती, तो वे इस जगह पर खड़े होकर कभी फोटो नहीं खिंचवाते।”
ईरानी दूतावास ने अपने पोस्ट में लिखा कि ताजमहल मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा अपनी पत्नी बेगम मुमताज महल की स्मृति में बनवाया गया था। उन्होंने बताया कि मुमताज महल का मूल नाम अर्जुमंद बानो बेगम था, जो एक ईरानी परिवार से संबंध रखती थीं। उनके पिता आसफ खान मुगल दरबार में प्रधानमंत्री थे, जबकि उनकी चाची नूरजहां बेगम मुगल साम्राज्य की एक प्रभावशाली हस्ती थीं। ईरानी दूतावास ने अपने पोस्ट में कहा कि दूसरी ओर अमेरिकी सरकार ईरान की सभ्यता को मिटाने की धमकी दे रही है, जो स्वयं ही दूसरे देशों की संस्कृति का अपमान है।






