Google ने लॉन्च किया AI Threat Defence: साइबर सुरक्षा में तेज़ी से खतरों का सामना करने का नया हथियार

मुख्य बातें
- •गूगल ने AI Threat Defence नामक एक नई साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म लॉन्च की है।
- •यह प्लेटफॉर्म AI का उपयोग करके सुरक्षा जोखिमों का पता लगाने और उन्हें ठीक करने की प्रक्रिया को तेज़ करता है।
- •AI Threat Defence, एंथ्रोपिक के Mythos और ओपनएआई के Daybreak जैसे प्लेटफॉर्म के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा।
- •यह प्लेटफॉर्म गूगल के जेमिनी AI मॉडल को विज़, मैंडिएंट और कोडमेंडर की तकनीकों के साथ जोड़ता है और चार चरणों में काम करता है।
बढ़ते साइबर हमलों के बीच, गूगल ने अपनी नई AI-संचालित साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म, AI Threat Defence को लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म संगठनों को तेज़ी से सुरक्षा जोखिमों का पता लगाने और उन्हें ठीक करने में मदद करेगा, जिससे पारंपरिक तरीकों की तुलना में सुधार का समय हफ्तों से घटकर मिनटों तक आ जाएगा। गूगल का यह कदम एंथ्रोपिक के Mythos और ओपनएआई के Daybreak जैसे प्लेटफॉर्म के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में उतरना है, जिन्होंने पहले ही कोड की जांच कर रातोंरात कमजोरियों का पता लगाने की क्षमता से ध्यान आकर्षित किया है।
यह नया प्लेटफॉर्म संगठनों के सिस्टम की लगातार निगरानी करने, वास्तविक समय में कमजोरियों का पता लगाने और हमलावरों द्वारा संवेदनशील डेटा तक पहुंचने से पहले व्यवसायों को प्रतिक्रिया देने में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। गूगल का मानना है कि पारंपरिक साइबर सुरक्षा उपकरण अब आधुनिक खतरों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, क्योंकि हमलावर भी AI का उपयोग करके नेटवर्क को स्कैन कर रहे हैं और कमजोरियों का पता लगा रहे हैं। इसलिए, ऐसे सुरक्षा प्लेटफॉर्म की आवश्यकता है जो लगातार काम करें, वास्तविक समय में खतरों की पहचान करें और हमलावरों के सिस्टम से समझौता करने या महत्वपूर्ण डेटा चुराने से पहले प्रतिक्रिया दें।



