कर्नाटक हाईकोर्ट ने 23 साल पुराने बलात्कार मामले के आरोपी को जमानत देने से किया इनकार, कहा- कानून के डर का खात्मा

मुख्य बातें
- •कर्नाटक हाईकोर्ट ने 23 साल पुराने बलात्कार मामले के आरोपी मणिपाल के छात्र गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी की जमानत याचिका खारिज की।
- •न्यायमूर्ति आर. नटराज ने कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अपराधियों के प्रति सख्त रवैया अपनाए जाने की जरूरत है।
- •कोर्ट ने कहा कि कानून का डर खत्म हो चुका है और अपराध करना आसान हो गया है क्योंकि अपराधियों को कठोर सजा नहीं मिलती।
- •आरोपी को 5 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में रखा गया है, अगली सुनवाई 8 जून को होगी।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक पुराने बलात्कार मामले के आरोपी मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के छात्र गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कठोर टिप्पणियां की हैं। न्यायमूर्ति आर. नटराज ने सुनवाई के दौरान कानून व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अपराधियों के प्रति सख्त रवैया अपनाए जाने की जरूरत है, अन्यथा अपराध करना और भी आसान हो जाएगा। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून के प्रति लोगों में डर खत्म हो चुका है क्योंकि अपराधियों को कठोर सजा नहीं मिलती।
न्यायमूर्ति नटराज ने कहा, “कानून का डर खत्म हो गया है। क्योंकि हम अपराधियों से सख्ती से नहीं निपटते, जैसा मध्य-पूर्व के देशों में होता है। इसीलिए अपराध करना इतना आसान हो गया है।” उन्होंने आगे कहा, “अगर किसी का हाथ या पैर काट दिया जाए, तो शायद तभी लोगों को कानून का पालन करने की अहमियत समझ आएगी। क्योंकि हमारे यहां लोकतंत्र है, इसलिए हर कोई इसे हल्के में लेता है।”
