ईरान-अमेरिका वार्ता में फंसा 12 अरब डॉलर का मुद्दा, कतर में जमा धन जारी कराने पर ईरान की सख्त शर्त

मुख्य बातें
- •ईरान ने अमेरिका के साथ वार्ता में कतर में जमा अपने 12 अरब डॉलर (11.45 लाख करोड़ रुपये) की रिहाई को पहली और अनिवार्य शर्त बनाया है।
- •ईरान चाहता है कि MoU के पहले चरण में ही धन की रिहाई हो, जबकि अमेरिका इसे अंतिम परमाणु समझौते से जोड़ना चाहता है।
- •ईरान का कहना है कि धन की रिहाई के साथ-साथ उसे उसका पूरा नियंत्रण भी मिलना चाहिए, जबकि अमेरिका केवल मानवीय जरूरतों के लिए धन के इस्तेमाल की अनुमति देना चाहता है।
- •अप्रैल 2024 में अमेरिका ने ईरान की 6 अरब डॉलर की राशि जारी करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन अब ईरान 12 अरब डॉलर की मांग कर रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु वार्ता में अब धन से जुड़ा मुद्दा सबसे बड़ा रोड़ा बन गया है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि कतर में जमा उसके 12 अरब डॉलर (लगभग 11.45 लाख करोड़ रुपये) की राशि बिना जारी किए वह अमेरिका के साथ किसी समझौते पर आगे नहीं बढ़ेगा। ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, कतर में रखे गए ये 12 अरब डॉलर ईरान की पहली और अनिवार्य शर्त हैं। इससे पहले माना जा रहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य और यूरेनियम जैसे मुद्दों पर ईरान के सख्त रुख के कारण वार्ता आगे नहीं बढ़ पा रही थी, लेकिन अब धन की रिहाई का मुद्दा सबसे आगे निकल आया है।






