नासा के उपग्रह ने प्रशांत महासागर में देखी बड़ी केल्विन तरंग, इस साल भीषण गर्मी का खतरा बढ़ा

मुख्य बातें
- •नासा के सेंटिनल-6 सैटेलाइट ने प्रशांत महासागर में विशाल केल्विन तरंग का पता लगाया है।
- •वैज्ञानिकों का मानना है कि यह अल-नीनो की शुरुआत का संकेत हो सकती है।
- •अल-नीनो के सक्रिय होने से वैश्विक तापमान में वृद्धि और मौसम में बदलाव की आशंका बढ़ गई है।
- •भारत सहित दुनिया भर में सूखा, बाढ़ और अत्यधिक गर्मी का खतरा बढ़ सकता है।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल 2024: अंतरिक्ष से समुद्र की निगरानी करने वाले नासा के सेंटिनल-6 सैटेलाइट ने प्रशांत महासागर में एक विशाल केल्विन तरंग (Kelvin Wave) का पता लगाया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह घटना इस वर्ष भीषण गर्मी और अत्यधिक मौसम परिवर्तन का संकेत हो सकती है। केल्विन तरंगें गर्म पानी की बड़ी लहरें होती हैं, जो भूमध्य रेखा के पास पूर्व की ओर बढ़ती हैं। ये तरंगें अक्सर अल-नीनो नामक जलवायु घटना से जुड़ी होती हैं, जो वैश्विक तापमान में वृद्धि का कारण बनती है।
नासा के सेंटिनल-6 सैटेलाइट द्वारा ली गई तस्वीरों से पता चला है कि यह केल्विन तरंग मार्च-अप्रैल 2024 के दौरान प्रशांत महासागर में सक्रिय थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह तरंग और गर्म होती गई, तो इससे की स्थिति मजबूत हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रीय महासागर और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने भी इस साल अल-नीनो के होने की संभावना व्यक्त की है।






