जोसा 2026 काउंसलिंग शुरू, IITs-NITs में दाखिले के लिए 12वीं में 75% मार्क्स जरूरी; जानिए पूरा मामला

मुख्य बातें
- •JoSAA 2026 काउंसलिंग शुरू, IITs, NITs, IIITs और GFTIs में प्रवेश इसी के आधार पर होगा।
- •IITs, NITs, IIITs और GFTIs में प्रवेश के लिए 12वीं में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक अनिवार्य।
- •से लागू हुआ यह नियम, जिससे अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया कठिन हुई।
- •और 2022 में कोविड काल में इस मानदंड से अभ्यर्थियों को दी गई थी छूट।
- •अभ्यर्थी सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे 75 प्रतिशत अंकों का मानदंड पूरा कर सकें।
संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) द्वारा वर्ष 2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस काउंसलिंग के माध्यम से IITs, NITs, IIITs और GFTIs सहित देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि, इस साल जोसा काउंसलिंग के शुरू होने से कई अभ्यर्थियों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दरअसल, IITs, NITs, IIITs और GFTIs में एडमिशन के लिए 12वीं कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने 12वीं में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त नहीं किए हैं, उनके लिए यह काउंसलिंग शुरू होना परेशानी का कारण बन गया है।
अभ्यर्थी फिलहाल सीबीएसई द्वारा 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद उनके अंक बढ़ते हैं और वे 75 प्रतिशत के मानदंड को पूरा कर लेते हैं, तो वे इन संस्थानों में प्रवेश के पात्र हो सकेंगे। वहीं, यदि वे इस मानदंड को पूरा नहीं कर पाते हैं, तो उनका एक साल बर्बाद होने का खतरा उत्पन्न हो जाएगा। फिलहाल, सीबीएसई ने 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया 2 जून से शुरू कर दी है। हालांकि, कई अभ्यर्थियों ने अभी तक आवेदन नहीं कर पाने की शिकायत भी की है।






