कानपुर: किचन वेस्ट से जैविक खाद निर्माण, नगर निकाय को मिल रही आर्थिक लाभ
मुख्य बातें
- •कानपुर नगर निगम द्वारा किचन वेस्ट से जैविक खाद निर्माण की शुरुआत 2023 के मध्य में हुई।
- •प्रति माह 2-3 लाख रुपये की कमाई इस प्रक्रिया से हो रही है।
- •लगभग 10-15 टन जैविक खाद का उत्पादन प्रति माह हो रहा है।
- •इस पहल से शहर में कचरे के निस्तारण में मदद मिल रही है और पर्यावरण को लाभ हो रहा है।
- •किसानों और उद्यान मालिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराई जा रही है।
कानपुर नगर निगम (Kanpur Municipal Corporation) ने शहर में उत्पन्न होने वाले किचन वेस्ट (रसोई अपशिष्ट) से जैविक खाद निर्माण कर एक अनूठी पहल की है। इस पहल से न केवल शहर के कचरे का निस्तारण हो रहा है, बल्कि नगर निकाय को अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है। अधिकारियों के अनुसार, प्रति माह लगभग 2 से 3 लाख रुपये की कमाई इस प्रक्रिया से हो रही है।
इस परियोजना की शुरुआत कानपुर नगर निगम द्वारा 2023 के मध्य में की गई थी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से किचन वेस्ट एकत्र किया जाता है, जिसे विशेष प्लांट में ले जाकर जैविक खाद में परिवर्तित किया जाता है। इस प्रक्रिया में कचरे को कंपोस्टिंग तकनीक के माध्यम से खाद में बदला जाता है, जिसे बाद में किसानों और उद्यान मालिकों को बेचा जाता है। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ हो रहा है, बल्कि किसानों को भी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध हो रही है।
नगर आयुक्त श्री विनीत कुमार सिंह ने बताया कि इस पहल से शहर में कचरे के निस्तारण की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सका है। उन्होंने कहा, "किचन वेस्ट से जैविक खाद बनाने की इस पहल से हमारे शहर में स्वच्छता तो बढ़ी ही है, साथ ही नगर निकाय को अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिला है।" उन्होंने आगे बताया कि इस प्रक्रिया से प्रति माह लगभग 10-15 टन जैविक खाद का उत्पादन हो रहा है, जिसे बेचकर नगर निकाय को लाभ हो रहा है।
