पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद तेल कंपनियों के शेयरों में तेजी, जानें क्या है इसकी वजह

मुख्य बातें
- •पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को 2.61 से 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
- •एचपीसीएल, बीपीसीएल और इंडियन ऑयल के शेयरों में चार से छह प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई है।
- •सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम मिलकर देश के लगभग 90 प्रतिशत ईंधन बाजार पर नियंत्रण रखती हैं।
- •फरवरी के अंत से अब तक वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को 2.61 से 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई है। यह दो हफ्तों से भी कम समय में चौथी वृद्धि है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी के साथ 15 मई से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है, जिससे महंगाई और परिवहन लागत बढ़ने की चिंता गहरा गई है। बीएसई पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) का शेयर 5.86 प्रतिशत चढ़कर 412.55 रुपये के दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गया। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का शेयर 4.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 309 रुपये पर रहा, जबकि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) का शेयर 4.15 प्रतिशत बढ़कर 145.30 रुपये पर पहुंच गया। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम मिलकर देश के लगभग 90 प्रतिशत ईंधन बाजार पर नियंत्रण रखती हैं। विश्लेषकों के अनुसार, फरवरी के अंत से अब तक वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। इसकी वजह अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद ईरान में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आपूर्ति बाधित होने की आशंका बताई जा रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल परिवहन का प्रमुख मार्ग है। उम्मीद की जा रही है कि जैसे-जैसे ग्लोबल लेबल से अच्छी खबरें आएंगी तो कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट देखी जा सकती है। ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल ने तेजी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। यह बढ़ोतरी अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीद से कच्चे तेल में गिरावट दर्ज की गई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद तेल कंपनियों के शेयरों में तेजी से निवेशकों को फायदा हुआ है। हालांकि, यह बढ़ोतरी महंगाई और परिवहन लागत बढ़ने की चिंता को भी बढ़ाती है। इसलिए, यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे कच्चे तेल की कीमतें किस तरह से चलती हैं और इसका पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर क्या प्रभाव पड़ता है।






