खजराना मंदिर के महाकाय पुनर्निर्माण का शुभारंभ: 'महाकाल लोक' जैसी होगी दर्शन व्यवस्था
मुख्य बातें
- •उज्जैन के खजराना मंदिर के पुनर्निर्माण एवं विकास योजना के पहले चरण का भूमिपूजन समारोह आयोजित किया गया।
- •इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर में 'महाकाल लोक' जैसी सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था स्थापित करना है।
- •पहले चरण में लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है, जबकि कुल बजट 50 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
- •मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, प्रवेश द्वार पुनर्निर्माण एवं श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवागमन व्यवस्था प्रमुख कार्य हैं।
उज्जैन स्थित प्रतिष्ठित खजराना मंदिर के व्यापक पुनर्निर्माण एवं विकास योजना के प्रथम चरण का आज शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आयोजित भूमिपूजन समारोह में स्थानीय विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित थे। इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर में 'महाकाल लोक' जैसी सुव्यवस्थित एवं आधुनिक दर्शन व्यवस्था स्थापित करना है।
खजराना मंदिर, जिसे भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर के निकटवर्ती स्थान के रूप में जाना जाता है, की यह विकास योजना न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि शहर के पर्यटन एवं सांस्कृतिक धरोहर को भी समृद्ध करेगी। परियोजना के पहले चरण में मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, प्रवेश द्वार का पुनर्निर्माण एवं श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवागमन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, मंदिर के आसपास के क्षेत्रों का विकास भी शामिल है।
स्थानीय प्रशासन एवं मंदिर ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई इस योजना में कुल अनुमानित बजट 50 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। पहले चरण में लगभग 20 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि मंदिर परिसर को 'महाकाल लोक' की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं को भीड़भाड़ से बचाते हुए सुव्यवस्थित दर्शन करने की सुविधा प्रदान की जाएगी।
