ठाणे की अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कनाडा में रहने वाले जोड़े को दिया तलाक
मुख्य बातें
- •ठाणे की पारिवारिक अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कनाडा में रहने वाले जोड़े को तलाक दिया।
- •दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तलाक लेने का निर्णय लिया था।
- •यह मामला भारतीय न्यायिक प्रणाली की वैश्विक पहुंच और तकनीकी विकास को दर्शाता है।
- •भारतीय कानूनों के अनुसार फैसला सुनाया गया, हालांकि दोनों पक्ष विदेश में रह रहे थे।
- •वीडियो कॉन्फ्रेंस से सुनवाई कराने से समय की बचत हुई और दोनों पक्षों को असुविधा नहीं हुई।
महाराष्ट्र के ठाणे स्थित पारिवारिक अदालत ने एक अनोखे मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से तलाक की मंजूरी दी है। दरअसल, यह जोड़ा कनाडा में रह रहा था, लेकिन दोनों पक्षों की आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठाणे की अदालत ने उन्हें तलाक देने का फैसला सुनाया। यह पहली बार नहीं है जब भारतीय अदालतों ने अंतरराष्ट्रीय मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई की है, लेकिन इस मामले ने कानूनी प्रक्रिया की नई दिशा को रेखांकित किया है।
मामले की जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तलाक लेने का निर्णय लिया था। ठाणे की पारिवारिक अदालत में दोनों पक्षों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अदालत ने उनकी बातें सुनीं और सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद तलाक की मंजूरी दे दी। इस प्रक्रिया ने यह सिद्ध किया है कि भारतीय अदालतें अब अंतरराष्ट्रीय मामलों में भी तकनीक का सहारा लेकर न्याय प्रदान कर सकती हैं।



