कोटा में निर्माणाधीन अंडरपास में मिट्टी गिरने से दो रेलवे इंजीनियरों की दुखद मौत
मुख्य बातें
- •कोटा में निर्माणाधीन अंडरपास में मिट्टी गिरने से दो रेलवे इंजीनियर मारे गए।
- •घटना के समय निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई।
- •मृतकों की पहचान रामेश्वर लाल मीणा और राजेंद्र सिंह के रूप में हुई, जो पश्चिमी मध्य रेलवे के कर्मचारी थे।
- •रेलवे प्रशासन ने निर्माण कार्य रोक दिया है और उच्च स्तरीय जांचcommittee का गठन किया है।
राजस्थान के कोटा शहर में एक बार फिर निर्माण स्थल पर हुई लापरवाही ने दो रेलवे अधिकारियों की जान ले ली। रविवार शाम करीब 5:30 बजे, कोटा रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन अंडरपास में मिट्टी गिरने से भारतीय रेलवे के दो सिविल इंजीनियर मलबे में दब गए। घटना के बाद दोनों को तुरंत निकाला गया, लेकिन चिकित्सकीय सहायता के बावजूद उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान रामेश्वर लाल मीणा (38 वर्ष) और राजेंद्र सिंह (42 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पश्चिमी मध्य रेलवे के कर्मचारी थे। मीणा जोधपुर मंडल के उप मंडल इंजीनियर थे, जबकि सिंह कोटा मंडल के उप मंडल इंजीनियर पद पर कार्यरत थे।
स्थानीय पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना उस समय हुई जब निर्माण कार्य चल रहा था। मिट्टी का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया और दोनों अफसर उसी के नीचे दब गए। इस हादसे के बाद निर्माण स्थल पर हड़कंप मच गया और आसपास के लोगों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया। हालांकि, समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण दोनों अफसरों को बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे अधिकारियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जांच में पता चला है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।
