कर्नाटक में अब तक केवल तीन मुख्यमंत्रियों ने ही पूर्ण कार्यकाल पूरा किया है; सिद्धरामय्या भी उनमें से एक हैं
मुख्य बातें
- •कर्नाटक में केवल तीन मुख्यमंत्रियों ने ही अपना पूरा 5 साल का कार्यकाल पूरा किया है
- •सिद्धरामय्या, बंगारप्पा और वीरेंद्र पाटील ही पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले मुख्यमंत्री हैं
- •राजनीतिक अस्थिरता और पार्टी-बदलाव के कारण कई मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके
- •सिद्धरामय्या के दूसरे कार्यकाल में भी वे अपना पूरा कार्यकाल पूरा करने की संभावना है
कर्नाटक की राजनीति में कई मुख्यमंत्री आए और गए हैं, मगर केवल तीन ही अपने पूरे पांच साल के कार्यकाल को पूरा कर पाए हैं। एक बार फिर यह मुद्दा चर्चा में है। कर्नाटक के इतिहास में सिद्धरामय्या भी उन मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने अपना पूर्ण कार्यकाल पूरा किया है। सोमवार को राज्यपाल थावरचंद गेहलोत की मौजूदगी में सिद्धरामय्या ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों में पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वालों की सूची में सिद्धरामय्या का नाम जुड़ना गौरतलब है। अन्य दो मुख्यमंत्री हैं - एस. बंगारप्पा और वीरेंद्र पाटील। बंगारप्पा ने 1990 से 1992 और फिर 1992 से 1994 तक दो बार मुख्यमंत्री पद संभाला था। वीरेंद्र पाटील 1968 से 1971 और फिर 1972 से 1977 तक दो बार मुख्यमंत्री रहे थे। इन दोनों ने भी अपना पूर्ण कार्यकाल पूरा किया था।
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद बार-बार बदलता रहा है। राजनीतिक अस्थिरता और पार्टी-बदलाव के कारण कई मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। उदाहरण के लिए, एच.डी. कुमारस्वामी 2006 में अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके थे। इसी तरह बी.एस. येदियुरप्पा भी अपना पहला कार्यकाल पूरा नहीं कर सके थे।
