पेट्रोल-डीजल की कीमतों में चौथी बढ़ोतरी, आम जनता पर महंगाई का बढ़ा बोझ

मुख्य बातें
- •ईंधन की कीमतों में लगातार चौथी बढ़ोतरी हुई है, जो 11 दिनों के भीतर हुई है।
- •दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल और डीजल के दाम नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।
- •मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे ईंधन के दाम बढ़े हैं।
- •आम जनता, कैब चालकों और छोटे व्यवसायों पर ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ रहा है।
- •सरकार की ओर से अभी तक ईंधन की कीमतों में वृद्धि को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
ईंधन की कीमतों में एक बार फिर से बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यह लगातार चौथी बार है जब महज 11 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि दर्ज की गई है। मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी को इस वृद्धि का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ व्यवसायों और परिवहन क्षेत्र पर भी सीधा असर पड़ रहा है।
पिछले 11 दिनों में हुई चार बार की बढ़ोतरी के बाद अब ईंधन की कीमतें एक नए स्तर पर पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे इसकी कीमतों में तेज उछाल आया है। इसी कारण देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।






