जयपुर में AI आधारित ब्लैकमेलिंग गैंग का भंडाफोड़, व्यावसायिक क्षेत्र के लोगों को बनाया निशाना

मुख्य बातें
- •जयपुर पुलिस ने AI तकनीक का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये वसूलने वाले शातिर ब्लैकमेलिंग गैंग का भंडाफोड़ किया।
- •इस गैंग ने मुख्य रूप से कॉर्पोरेट क्षेत्र में कार्यरत शादीशुदा व्यक्तियों को निशाना बनाया।
- •आरोपियों ने पीड़ितों से लगभग 5 करोड़ रुपये की वसूली की, जिसमें AI जनरेटेड फर्जी वीडियो और ऑडियो का इस्तेमाल किया गया।
- •गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों में मुख्य रूप से राहुल मिश्रा और उनकी पत्नी अनन्या मिश्रा शामिल हैं।
जयपुर पुलिस ने हाल ही में एक अत्यंत शातिर अपराधिक गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसने कॉर्पोरेट क्षेत्र में कार्यरत नामी और शादीशुदा व्यक्तियों को अपना निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की वसूली की। इस गैंग ने ब्लैकमेलिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का भी इस्तेमाल किया, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गैंग काफी समय से सक्रिय था और पीड़ितों से डराने-धमकाने के साथ-साथ उनके निजी वित्तीय विवरणों का उपयोग कर उनके ऊपर दबाव बनाता था।
इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल मिलाकर 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी के रूप में राहुल मिश्रा (32 वर्ष) और उसकी पत्नी अनन्या मिश्रा (29 वर्ष) को नामित किया गया है। आरोप है कि राहुल मिश्रा ने AI आधारित सॉफ्टवेयर का उपयोग कर पीड़ितों के सोशल मीडिया प्रोफाइल्स और व्यक्तिगत जानकारियों का विश्लेषण किया, जिससे उन्हें उनकी कमजोरियों का पता चला। इसके बाद गैंग ने पीड़ितों को फर्जी वीडियो कॉल और ऑडियो रिकॉर्डिंग्स के माध्यम से ब्लैकमेल किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ितों को धमकी दी कि अगर उन्होंने पैसा नहीं दिया तो उनके व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन को नुकसान पहुंचाया जाएगा।






