मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र को जोड़ने वाला 158 किमी फोरलेन कॉरिडोर: जानिए कैसे बदलेगी क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था

मुख्य बातें
- •राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच 158 किमी फोरलेन कॉरिडोर के लिए DPR तैयार कर रहा है।
- •इस परियोजना से नागपुर-छिंदवाड़ा मार्ग की यात्रा आसान होगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
- •फोरलेन कॉरिडोर उद्योग, व्यापार, पर्यटन और सड़क सुरक्षा में सुधार करेगा।
- •DPR में तकनीकी, वित्तीय, पर्यावरणीय और भूमि अधिग्रहण से संबंधित विवरण शामिल होंगे।
- •परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों राज्यों के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा।
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक बड़ा बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जल्द ही सिवनी-छिंदवाड़ा-सावनेर के बीच 158 किलोमीटर लंबे फोरलेन कॉरिडोर के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहा है। इस परियोजना से न केवल दोनों राज्यों के बीच यात्रा आसान होगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर उद्योग, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा में भी सुधार करेगा।






