मेजा में आमरण अनशन समाप्त, प्रशासन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का दिया आश्वासन
मुख्य बातें
- •मेजा तहसील में चल रहे आमरण अनशन का समापन हुआ।
- •लोगों ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए थे।
- •एसडीएम ने आरोपों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
- •स्थानीय निवासी रामनारायण पांडेय ने अनशन का नेतृत्व किया।
- •पुलिस और प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन किया।
उत्तर प्रदेश के मेजा तहसील में चल रहे आमरण अनशन का आज समापन हुआ। स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों पर प्रशासन ने ध्यान आकर्षित किया था। अनशन के दौरान लोगों ने लगातार प्रदर्शन किया और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की। इस दौरान प्रशासन की तरफ से त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए एसडीएम कार्यालय से लोगों को आश्वासन मिला कि आरोपों की जांच करायी जायेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
अनशन के दौरान स्थानीय निवासी रामनारायण पांडेय ने बताया कि पिछले कई महीनों से सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार हो रहा था। उन्होंने कहा कि यह अनशन तभी समाप्त होगा जब प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई की जायेगी। उनके साथ कई अन्य ग्रामीणों ने भी इस अनशन में भाग लिया और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी और लोगों की मांगों को सुनने का आश्वासन दिया।
एसडीएम मेजा, राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने लोगों की सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया है और शीघ्र ही एक विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की जायेगी। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाये जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने लोगों से विश्वास दिलाया कि प्रशासन उनकी मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
