मणिलाल पाटीदार: महज 24 साल में आईपीएस, नौकरी गंवाने के बाद अब संपत्ति भी जाएगी

मुख्य बातें
- •मणिलाल पाटीदार ने 24 साल की उम्र में आईपीएस अधिकारी के रूप में चयनित हुए थे।
- •वर्ष 2013 में इंद्रकांत त्रिपाठी की आत्महत्या मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया था, जिसके बाद उनकी नौकरी चली गई।
- •विजिलेंस विभाग ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया है।
- •यदि आरोप साबित होते हैं, तो उनकी बची हुई संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है।
- •यह मामला उनकी पूरी नौकरी और प्रतिष्ठा पर एक और बड़ा आघात साबित हो सकता है।
उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार का नाम अब सिर्फ उनकी नौकरी गंवाने तक सीमित नहीं रहा। हाल ही में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का एक नया मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले वर्ष 2013 में महोबा के एक कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की आत्महत्या के मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया था, जिसके बाद उनकी नौकरी चली गई थी। अब यह नया मामला उनके जीवन में एक और बड़ा मोड़ ला सकता है।
मणिलाल पाटीदार ने वर्ष 2000 में 24 साल की उम्र में आईपीएस अधिकारी के रूप में चयनित हुए थे। उनकी प्रतिभा और योग्यता की चर्चा पूरे देश में थी। हालांकि, वर्ष 2013 में जब इंद्रकांत त्रिपाठी की आत्महत्या हुई, तो इस मामले में पाटीदार पर आरोप लगे। उनके खिलाफ आरोप था कि उन्होंने अपनी पद का दुरुपयोग किया और त्रिपाठी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। इस मामले में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। पाटीदार ने आरोपों का खंडन किया था, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया। इसके बावजूद, सरकार ने उन्हें सेवा से हटा दिया।






