मुंबई: जंगली जानवरों के हमलों से बचाव के लिए 1000 गांवों में AI आधारित अलर्ट प्रणाली स्थापित
मुख्य बातें
- •महाराष्ट्र सरकार मुंबई और उसके आसपास के 1000 गांवों में AI आधारित अलर्ट प्रणाली स्थापित करेगी।
- •यह प्रणाली जंगली जानवरों की आवाजाही पर नजर रखेगी और मानव बस्तियों को पूर्व चेतावनी देगी।
- •वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि इस प्रणाली में कैमरे, ध्वनि सेंसर और मोशन डिटेक्टर शामिल होंगे।
- •परियोजना पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा।
- •प्रणाली के सफल कार्यान्वयन के बाद इसे राज्य के अन्य हिस्सों में भी विस्तारित किया जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों द्वारा मनुष्यों पर किए जाने वाले हमलों को रोकने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इसके तहत राज्य के लगभग 1000 गांवों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित अलर्ट प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस प्रणाली के माध्यम से वन्यजीवों की आवाजाही और मानव बस्तियों के निकट आने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी, जिससे गांव वालों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का मौका मिल सकेगा।
इस परियोजना के बारे में महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि यह प्रणाली वन विभाग और तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा, "जंगली जानवरों के हमलों से ग्रामीणों को बचाने के लिए यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित होगी। AI आधारित सेंसर और कैमरे वन क्षेत्रों में लगाए जाएंगे, जो जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। किसी भी असामान्य गतिविधि का पता चलते ही तुरंत अलर्ट जारी किया जाएगा।" उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रणाली के लिए वन विभाग और तकनीकी टीम मिलकर काम कर रही है।




