मुंबई के स्कूलों ने ईंधन लागत में वृद्धि के चलते बस ऑपरेटरों के हाइब्रिड लर्निंग प्रस्ताव को किया अस्वीकार
मुख्य बातें
- •मुंबई के स्कूलों ने बस ऑपरेटरों के हाइब्रिड लर्निंग प्रस्ताव को ईंधन लागत वृद्धि के चलते अस्वीकार किया।
- •प्रस्तावित मॉडल में कुछ दिन ऑफलाइन और कुछ दिन ऑनलाइन कक्षाएं शामिल थीं, ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके।
- •स्कूल प्रशासन ने बच्चों की नियमित पढ़ाई और उपस्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव के कारण प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
- •बस ऑपरेटरों ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और उच्च संचालन लागत के कारण इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।
मुंबई में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक नए विवाद ने तूल पकड़ा है। शहर के विभिन्न स्कूलों ने ईंधन लागत में लगातार हो रही वृद्धि के बीच बस ऑपरेटरों द्वारा प्रस्तावित हाइब्रिड लर्निंग मॉडल को ठुकरा दिया है। यह प्रस्ताव शहर में बढ़ती यातायात समस्याओं और ईंधन की ऊंची कीमतों के मद्देनजर स्कूल बसों के संचालन में आने वाली चुनौतियों को कम करने के लिए लाया गया था। हालांकि, स्कूल प्रशासन ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के कई निजी और सरकारी स्कूलों ने अपने बस ऑपरेटरों से संपर्क किया था, जिन्होंने बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए एक हाइब्रिड लर्निंग मॉडल अपनाने का प्रस्ताव रखा था। इस मॉडल के तहत कुछ दिनों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं लगाई जातीं और कुछ दिनों के लिए ऑनलाइन शिक्षा दी जाती। इसका मुख्य उद्देश्य ईंधन की खपत को कम करना और बस ऑपरेटरों के बढ़ते खर्च को नियंत्रित करना था। हालांकि, स्कूलों ने इसे अस्वीकार कर दिया है, जिससे बस ऑपरेटरों के साथ-साथ अभिभावकों में भी निराशा की लहर है।
