नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, डॉक्टर समेत फैकल्टी शामिल

मुख्य बातें
- •सीबीआई ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे और पुणे के फैकल्टी तेजस शाह शामिल हैं।
- •डॉ. शिरुरे पर तीन विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान के लीक पेपर उपलब्ध कराने का आरोप है, जबकि तेजस शाह ने मनीषा हवालदार से भौतिकी प्रश्न पत्र प्राप्त किए।
- •मनीषा हवालदार को छह दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा गया है, जहां उनकी पूछताछ की जाएगी और अन्य आरोपियों से आमने-सामने कराया जाएगा।
- •सीबीआई ने आरोप लगाया है कि मनीषा हवालदार ने भौतिकी प्रश्न पत्र लीक किया और उसे प्रसारित किया, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में लातूर के चिकित्सक डॉ. मनोज शिरुरे के साथ पुणे के फैकल्टी तेजस हर्षदकुमार शाह शामिल हैं। सीबीआई के अनुसार, डॉ. शिरुरे ने तीन विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान के लीक पेपर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें से एक आरोपी कोचिंग संचालक का पुत्र भी बताया गया है। जांच में सामने आया है कि लीक पेपर आरोपी पी. वी. कुलकर्णी से प्राप्त किए गए थे।
दूसरे गिरफ्तार आरोपी तेजस शाह पुणे स्थित ‘डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी’ (APMA) में भौतिकी विषय के फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि तेजस शाह ने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से NEET-UG 2026 के लीक भौतिकी प्रश्न पत्र प्राप्त किए थे। इसके बाद मनीषा हवालदार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा छह दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया है। वह 30 मई तक न्यायिक हिरासत में रहेंगी। सीबीआई ने कोर्ट से मनीषा की हिरासत का उद्देश्य सह-आरोपियों से आमने-सामने कराने और मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए किया था।






