कॉर्पोरेट लाइफ में छुट्टी लेने का डर: माहीर का वीडियो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है

मुख्य बातें
- •माहीर का वीडियो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है, जिसमें उन्होंने अपने अनुभव को शेयर किया है
- •कॉर्पोरेट लाइफ में छुट्टी लेने का डर आम बात है
- •माहीर ने कहा, छुट्टी के लिए खुद को जरूरत से ज्यादा जस्टिफाई करना ही इस कल्चर की सबसे बड़ी खराबी है
- •पेड़ लीव हमारा हक है, कोई एहसान नहीं
- •कुछ लोगों ने तो अपने बॉस के ऐसे किस्से शेयर किए, जिन्हें सुनकर ही गुस्सा आ जाए
आज के दौर में एक आम कॉर्पोरेट एम्प्लॉई के लिए छुट्टी लेना सिर्फ काम से ब्रेक लेना नहीं, बल्कि एंग्जायटी और बेवजह के अपराधबोध से गुजरना बन चुका है। इसी ‘टॉक्सिक वर्क कल्चर’ पर चोट करते हुए माहीर नाम की एक कंटेंट क्रिएटर का वीडियो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है। माहीर ने कॉर्पोरेट लाइफ की उस कड़वी सच्चाई को उजागर किया है, जिससे देश दुनिया के लाखों नौकरीपेशा लोग हर दिन जूझ रहे हैं।
माहीर ने बकरीद के मौके पर एक छोटा सा ब्रेक लेने के अपने अनुभव को शेयर किया। उन्होंने बताया कि छुट्टी पर जाने से पहले उन्होंने अपना सारा काम निपटा दिया था, फिर भी उनके दिमाग पर ऑफिस का वो अनकहा दबाव हावी था। अपने वीडियो में माहीर कहती हैं, कॉर्पोरेट में काम करते हुए छुट्टी लेने पर इतना गिल्ट क्यों महसूस होता है। मैं ईद के तीसरे दिन पेड लीव ले रही हूं। मजेदार बात यह है कि मैंने अपना सारा काम एडवांस कर रखा था। मैं गायब नहीं हो रही, बस अपनी बची हुई छुट्टियों का इस्तेमाल कर रही हूं। फिर भी मेरे अंदर एक अजीब सा डर और अपराधबोध क्यों है?
