Petrol Diesel Price: हर दिन बदलते पेट्रोल-डीजल के दाम, ट्रांसपोर्ट वालों ने केंद्र सरकार से की ये खास अपील

मुख्य बातें
- •भारत में पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी की कीमतों में लगातार बदलाव से ट्रांसपोर्ट उद्योग प्रभावित, व्यवसायी मांग कर रहे हैं ईंधन मूल्य निर्धारण व्यवस्था में बदलाव
- •ट्रांसपोर्ट व्यवसायी बताते हैं कि रोजाना ईंधन कीमतों में बदलाव से भाड़ा निर्धारण और खर्च प्रबंधन में मुश्किलें बढ़ रही हैं, जिससे व्यवसाय में अनिश्चितता बढ़ी
- •देश में लगभग 75 प्रतिशत माल परिवहन सड़क मार्ग से होता है, डीज़ल की बढ़ी कीमतों का असर खाद्यान्न और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर पड़ रहा है
- •LocalCircles के सर्वेक्षण में पाया गया कि 71 प्रतिशत लोगों ने गैर-जरूरी यात्राएं कम करने की योजना बनाई है, जबकि 55 प्रतिशत ने ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने की बात कही
भारत में पिछले कुछ समय से पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिससे ट्रांसपोर्ट उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। देश में लगभग 85 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात किया जाता है, जिस कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलावों का सीधा असर घरेलू ईंधन बाजार पर पड़ता है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी लंबे समय से ईंधन मूल्य निर्धारण व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं, क्योंकि रोजाना होने वाले मूल्य संशोधन उनके व्यवसायिक योजना को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (AIMGTA) ने केंद्र सरकार से अपील की है कि ईंधन की कीमतों की समीक्षा महीने में एक बार की जाए, ताकि व्यवसायियों को स्थिरता मिल सके।






