आसाराम बापू फिर जेल में, हाईकोर्ट से मिली निराशा; जोधपुर जेल में किया आत्मसमर्पण
मुख्य बातें
- •आसाराम बापू ने गुजरात उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत पाने में विफल रहने के बाद जोधपुर की केंद्रीय जेल में आत्मसमर्पण किया।
- •उच्च न्यायालय ने उनकी राहत याचिका खारिज करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी रखने की अनुमति दी।
- •जोधपुर की विशेष न्यायालय ने 2018 में आसाराम को दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसे उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा।
- •मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को प्रस्तावित है।
जोधपुर, 27 अगस्त 2024 – आत्मा के गुरु माने जाने वाले आसाराम बापू एक बार फिर पुलिस हिरासत में आ गए हैं। जोधपुर की विशेष न्यायालय ने 26 अगस्त को उनके खिलाफ दुष्कर्म के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने स्वयं जोधपुर की केंद्रीय जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पूर्व उन्होंने गुजरात उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत की याचिका दायर की थी, किंतु न्यायालय ने उन्हें कोई राहत प्रदान नहीं की। उच्च न्यायालय का निर्णय आने के बाद भी आसाराम बापू को गिरफ्तार किया जाना तय हो गया।
गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति वी.डी. कोठारी की खंडपीठ ने आसाराम बापू की अंतरिम राहत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें कोई राहत देने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने माना कि उनके खिलाफ दर्ज मामले में पर्याप्त सबूत मौजूद हैं तथा गिरफ्तारी प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता। इस फैसले के बाद आसाराम बापू ने स्वयं जोधपुर पहुंचकर केंद्रीय जेल में आत्मसमर्पण किया। उनकी गिरफ्तारी जोधपुर की विशेष न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई के संदर्भ में की गई है।
