पीटीआई पद २०२२: शिक्षा निदेशालय के सामने शारीरिक शिक्षकों का अर्धनग्न दंडवत प्रदर्शन
मुख्य बातें
- •बेंगलुरु में पीटीआई पद २०२२ से संबंधित शारीरिक शिक्षकों का अर्धनग्न दंडवत प्रदर्शन
- •प्रदर्शनकारियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में अन्याय हुआ है, पद न मिलने के कारण संघर्ष
- •प्रदर्शनकारी सरकार के सामने कई बार मांग रखने के बाद भी नतीजा न मिलने के कारण इस तरह के प्रदर्शन पर उतरे
- •शिक्षा विभाग और पुलिस ने घटना की जानकारी ली है, परंतु अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
कर्नाटक में पीटीआई (शारीरिक शिक्षकों) पदों की भर्ती २०२२ से संबंधित मुद्दे पर शारीरिक शिक्षकों ने शिक्षा निदेशालय के सामने अर्धनग्न अवस्था में दंडवत प्रदर्शन किया है। यह घटना बुधवार सुबह बेंगलुरु स्थित स्कूल शिक्षा निदेशालय कार्यालय के सामने हुई। प्रदर्शनकारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और इसी क्रम में उन्होंने इस अप्रत्याशित तरीके को अपनाया है।
प्रदर्शन का मुख्य कारण यह है कि पीटीआई पदों की भर्ती प्रक्रिया में उन्हें उचित न्याय नहीं मिल रहा है। सरकार द्वारा पीटीआई पदों की भर्ती प्रक्रिया वर्ष २०२२ में आयोजित की गई थी, लेकिन इसमें कई शारीरिक शिक्षकों को पद नहीं मिलने के कारण वे निराश हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया है और इसी कारण सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने अर्धनग्न अवस्था में आकर लेटने के कारण सार्वजनिक और मीडिया में काफी चर्चा हुई है। प्रदर्शनकारियों के प्रवक्ता मल्लिकार्जुन ने बताया, "हमने कई बार सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं हैं, लेकिन जब हमारी बात सुनी नहीं गई तो हमें इस तरह के प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा।"
