प्रयागराज: जूनियर सहायक को न्यायालय के आदेश पर नौकरी से निकाला गया
मुख्य बातें
- •प्रयागराज के एक सरकारी विभाग में जूनियर सहायक को न्यायालय के आदेश पर नौकरी से निकाला गया।
- •कर्मचारी पर अनुशासनहीनता और कार्यालय के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगे थे।
- •न्यायालय ने कर्मचारी के खिलाफ लगे आरोपों को पर्याप्त प्रमाणित मानते हुए बर्खास्तगी का आदेश दिया।
- •कर्मचारी पक्ष के वकील ने इस आदेश को चुनौती देने की बात कही है।
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश – एक जूनियर सहायक को हाल ही में न्यायालय के आदेश पर नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। यह मामला प्रयागराज के एक सरकारी विभाग से संबंधित है। सूत्रों के अनुसार, कर्मचारी पर अनुशासनहीनता और कार्यालय के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगे थे। हालांकि, अधिकारियों ने न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए इस मामले पर विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कर्मचारी को एक महीने पहले नोटिस दिया गया था। नोटिस में आरोपों की विस्तृत जानकारी दी गई थी, जिसके जवाब में कर्मचारी ने अपने बचाव में दस्तावेज प्रस्तुत किए। लेकिन न्यायालय ने कर्मचारी के खिलाफ लगे आरोपों को पर्याप्त प्रमाणित मानते हुए उसे नौकरी से निकालने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दीं।
अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारी की बर्खास्तगी का फैसला विभागीय नियमों और न्यायालय के आदेश के अनुसार किया गया है। हालांकि, कर्मचारी पक्ष के वकील ने इस आदेश को चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान कर्मचारी के पक्ष में पर्याप्त सबूत थे, लेकिन न्यायालय ने विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया।
