राजकोट में रातोंरात गिराए गए 12 मंदिर, जनता ने किया विरोध प्रदर्शन
मुख्य बातें
- •राजकोट में रातोंरात 12 मंदिर गिराए गए, जिनमें हनुमान जी का मंदिर भी शामिल था
- •स्थानीय लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन, सरकार पर हिंदुओं को साधने का आरोप लगाया
- •मंदिरों को गिराने का कारण अवैध निर्माण बताया गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसे गलत बताया
- •राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू, विपक्षी दलों ने सरकार पर अल्पसंख्यकों को खुश करने का आरोप लगाया
गुजरात के राजकोट शहर में बुधवार की रात को अचानक हुए एक घटनाक्रम ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। प्रशासन द्वारा रातोंरात हनुमान जी सहित कुल 12 मंदिरों को ध्वस्त कर दिया गया। इस घटना से नाराज लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भाजपा सरकार हिंदुओं का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए ऐसी कार्रवाई कर रही है।
स्थानीय निवासी और धार्मिक संगठनों ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मंदिरों को गिराने का फैसला रातोंरात लिया गया, जिससे लोगों को कोई पूर्व सूचना नहीं मिली। कई मंदिर दशकों पुराने थे और स्थानीय आस्था के केंद्र थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार हिंदू भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ हिंदुओं के मतों के लिए ऐसी कार्रवाई करती है ताकि सत्ता में बने रह सके।
राजकोट नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मंदिरों को गिराने का कारण अवैध निर्माण और शहर के विकास में बाधा उत्पन्न होना बताया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिरों का निर्माण दशकों पहले हुआ था और प्रशासन ने कभी आपत्ति नहीं की थी। इस मामले में राजनीतिक दलों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। विपक्षी दलों ने सरकार पर अल्पसंख्यक समुदाय को खुश करने के लिए हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
