रिलायंस इंडस्ट्रीज में 90,000 कम होंगी नई नौकरियां; एआई और आर्थिक चुनौतियों का असर

मुख्य बातें
- •रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2026 में नई भर्तियों में 90,000 की कमी करने का निर्णय लिया है।
- •जियो प्लेटफॉर्म्स में कर्मचारियों की संख्या में 21 प्रतिशत की गिरावट आई है।
- •एआई, आर्थिक अनिश्चितता और बदलते कारोबारी मॉडल नई भर्तियों में कमी के मुख्य कारण हैं।
- •रिटेल व्यवसाय में कर्मचारियों की संख्या में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
- •रिक्रूटमेंट विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 12 महीनों में नई भर्तियों की मांग में 10 प्रतिशत की कमी आएगी।
भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के दौरान अपनी नई भर्तियों में 90,000 की कमी करने का निर्णय लिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताएं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का बढ़ता प्रभाव, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और मंदी जैसे कारकों ने कारोबारी योजनाओं को चुनौती दी है। कंपनी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में बताया है कि 31 मार्च, 2026 तक उसके कुल कर्मचारियों की संख्या 4.19 लाख से अधिक रहेगी, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1 लाख नए कर्मचारी शामिल होंगे। हालांकि, यह संख्या पिछले वर्ष के 1.9 लाख नए कर्मचारियों की तुलना में लगभग 90,000 कम है।






