रूस से कच्चे तेल का जहाज़ मंगलुरु पहुंचा, भारत में बढ़ रही कच्चे तेल की आपूर्ति
मुख्य बातें
- •कर्नाटक के मंगलुरु बंदरगाह पर रूस से कच्चे तेल का जहाज़ पहुंचा है, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति बढ़ रही है।
- •जहाज़ नौ दिनों की यात्रा के बाद मंगलुरु पहुंचा, जहां से तेल को रिफाइनरियों में भेजा जाएगा।
- •रूस से तेल आयात में वृद्धि से भारत को वैश्विक बाजार में विविधता लाने और ऊर्जा लागत कम करने में मदद मिल रही है।
- •भारत वर्तमान में रूस से प्रति दिन 1.5 मिलियन बैरल कच्चे तेल का आयात कर रहा है, जो कुल आयात का लगभग 35% है।
कर्नाटक के मंगलुरु स्थित न्यू मैंगलोर पोर्ट पर रूस से कच्चे तेल का एक जहाज़ पहुंचा है। यह घटना भारत को रूस से मिलने वाले तेल आयात में वृद्धि की ओर इशारा करती है, जो हाल के वर्षों में लगातार बढ़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह जहाज़ रूस के पूर्वी तट से प्रस्थान कर नौ दिनों की यात्रा के बाद मंगलुरु पहुंचा है। जहाज़ द्वारा लाया गया कच्चा तेल भारतीय तेल रिफाइनरियों में प्रसंस्कृत किया जाएगा, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
इससे पहले भी कई जहाज़ मंगलुरु और अन्य भारतीय बंदरगाहों पर रूस से कच्चे तेल की आपूर्ति लेकर पहुंच चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस के साथ तेल व्यापार में वृद्धि से भारत को वैश्विक तेल बाजार में विविधता लाने में मदद मिल रही है। इसके अलावा, रूस से सस्ते दरों पर तेल मिलने से भारत की ऊर्जा लागत में भी कमी आने की संभावना है। हालांकि, अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण इस व्यापार को लेकर कुछ चुनौतियां भी हैं।
