सारण : अखंड अष्टयाम उत्सव में गाँवों में छाया भक्ति और उत्साह का माहौल
मुख्य बातें
- •सारण जिले के गांवों में अखंड अष्टयाम उत्सव मनाया गया, जिसमें भगवान राम की अष्टयाम पूजा की गई।
- •इस उत्सव के दौरान मंदिरों और धर्मशालाओं में विशेष व्यवस्था की गई और श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
- •स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस उत्सव से उनकी आस्था और सामाजिक एकता मजबूत हुई है।
- •इस आयोजन में पुजारियों और समाज के प्रमुख लोगों ने मिलकर योगदान दिया और सामाजिक कार्यों को भी महत्व दिया गया।
- •अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के आयोजन से धार्मिक भावना के साथ-साथ समाज में प्रेम और सद्भावना भी बढ़ती है।
सारण जिले के विभिन्न गांवों में हाल ही में मनाए गए अखंड अष्टयाम उत्सव ने लोगों के बीच भक्ति और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है। यह उत्सव भगवान श्री राम के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है, जिसमें भगवान राम की अष्टयाम पूजा विधि-विधान से की जाती है। इस दौरान गांवों में रामायण के पाठ, कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में धार्मिक उत्साह और सामाजिक सद्भावना का संचार हुआ।
अष्टयाम पूजा में भगवान राम की आठों पहर की पूजा-अर्चना की जाती है, जिसमें दिन और रात के आठों प्रहरों में विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं। इस बार के उत्सव में स्थानीय मंदिरों और धर्मशालाओं में विशेष व्यवस्था की गई थी। गांववालों ने बताया कि इस उत्सव के दौरान सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी और पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण किया गया। कई गांवों में तो इस उत्सव को लेकर तैयारी कई दिन पहले से शुरू कर दी गई थी।
