कुंभ स्नान महोत्सव में पश्चिम बंगाल और बिहार से भी भक्तों का आगमन
मुख्य बातें
- •कुंभ स्नान महोत्सव में पश्चिम बंगाल और बिहार से हजारों भक्त शामिल हुए हैं।
- •प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान करने के लिए विभिन्न राज्यों के भक्त पहुंचे हैं।
- •कुंभ स्नान के प्रमुख दिन 22 फरवरी से 25 मार्च तक आयोजित होंगे।
- •भक्त कुंभ स्नान को मोक्ष प्राप्ति का मार्ग मानते हैं।
- •सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं को मजबूत किया है।
कर्नाटक के कुंभ स्नान महोत्सव का आयोजन इस वर्ष भी अत्यंत वैभव के साथ हो रहा है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित हो रहे इस पवित्र अनुष्ठान में पश्चिम बंगाल और बिहार राज्य से भी हजारों भक्त शामिल हुए हैं। कुंभ स्नान को हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इस बार आयोजित हुए स्नान महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से भक्त पहुंचे हैं, जिससे वातावरण में धार्मिक उत्साह व्याप्त है।
प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान करने के लिए पश्चिम बंगाल के कलकत्ता, बर्दवान और बिहार के पटना, गया सहित विभिन्न क्षेत्रों से भक्त पहुंचे हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के भक्त भी इस महोत्सव में शामिल हुए हैं। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है तथा सुविधाओं का प्रबंध किया है। कुंभ स्नान के प्रमुख दिनों जैसे माघी पूर्णिमा, माघी एकादशी और महाशिवरात्रि पर अधिक संख्या में भक्त शामिल होंगे।
पश्चिम बंगाल के भक्त रिंकु मुखर्जी ने मीडिया को बताया, "कुंभ स्नान करना हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। गंगा में स्नान करने के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है, ऐसी मान्यता हमारे बीच है।" बिहार के भक्त राजेंद्र प्रसाद ने भी कहा, "यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का हिस्सा है।"
