छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसदीय समिति के सामने खोली CBSE टेंडर प्रक्रिया की पोल, OSM प्रणाली पर उठाए सवाल

मुख्य बातें
- •वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और टेंडर प्रक्रिया की खामियों को संसदीय समिति के सामने उजागर किया।
- •छात्र ने आरोप लगाया कि CBSE ने COEMPT कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में कई बार फेरबदल किया और नियमों में बदलाव किए।
- •संसदीय समिति ने छात्र की प्रस्तुति की सराहना की और CBSE से इस मामले में जवाबदेही तय करने और जवाब पेश करने को कहा।
- •समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने कहा कि समिति का काम छात्रों के हित में काम करना है और अब वे CBSE के जवाब का इंतजार करेंगे।
- •सार्थक ने COEMPT (पूर्व नाम Globarena) की बैलेंस शीट, RFP में बदलाव और कंपनी के संदिग्ध रिकॉर्ड पर सवाल उठाए।
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) प्रणाली से प्रभावित छात्रों में से एक, 17 वर्षीय सार्थक सिद्धांत, ने मंगलवार, 2 जून 2026 को संसद भवन के एन.एन. में शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति के समक्ष एक विस्तृत प्रस्तुति दी। इस बैठक में, जिसका यह दूसरा दिन था, छात्र सार्थक ने COEMPT कंपनी को कथित तौर पर टेंडर देने की प्रक्रिया में पाई गई कई खामियों और विसंगतियों को उजागर किया। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सीबीएसई के अधिकारियों को भी इस बात की भनक नहीं थी कि सार्थक सिद्धांत उन्हें अपनी प्रस्तुति के माध्यम से सवालों के घेरे में खड़ा करेंगे।






