विदेशी निवेशकों की AI से जुड़े बाजारों से निकासी में कमी, भारत के लिए राहत के संकेत

मुख्य बातें
- •विदेशी निवेशकों की AI से जुड़े एशियाई बाजारों से निकासी में कमी के संकेत मिल रहे हैं।
- •पिछले 15 हफ्तों में उभरते बाजारों से कुल 24.4 अरब डॉलर की निकासी हुई है।
- •दक्षिण कोरिया, ताइवान और ब्राजील जैसे बाजारों पर दबाव बढ़ा है, जबकि भारत से निकासी कम हुई है।
- •निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कमजोर पड़ रही है, लेकिन पैसिव निवेश अभी स्थिर है।
ग्लोबल मार्केट में पिछले एक साल से चल रहे AI ट्रेड (कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े निवेश) में अब सुस्ती के संकेत दिखाई देने लगे हैं। विदेशी निवेशकों ने पहले AI क्षेत्र से जुड़े एशियाई बाजारों, विशेष रूप से दक्षिण कोरिया और ताइवान में भारी निवेश किया था। इसी दौरान भारत जैसे बाजारों से विदेशी निवेशकों ने लगातार पैसा निकाला था। लेकिन अब इस ट्रेंड में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। ब्रोकरेज फर्म एलारा सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत से विदेशी निवेशकों की निकासी धीरे-धीरे कम होती जा रही है। वहीं दक्षिण कोरिया, ताइवान और ब्राजील जैसे बाजारों पर भी दबाव बढ़ने लगा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि उभरते बाजारों से लगातार छठे हफ्ते विदेशी निवेशकों की निकासी हुई है। इस हफ्ते करीब 8 अरब डॉलर का आउटफ्लो (निकासी) दर्ज किया गया है। पिछले 15 हफ्तों में कुल 24.4 अरब डॉलर की निकासी हो चुकी है। सबसे ज्यादा दबाव चीन-केंद्रित घरेलू फंड्स पर देखा जा रहा है, जहां अप्रैल 2026 से अब तक लगभग 79 अरब डॉलर की निकासी हुई है। ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स में भी कमजोरी देखने को मिल रही है। इन फंड्स में लगातार तीसरे हफ्ते आउटफ्लो हुआ और इस बार 738 मिलियन डॉलर निकाले गए। इससे पहले आठ हफ्तों में 2.6 अरब डॉलर की निकासी दर्ज की गई थी।






