ईरान में बढ़ती आंतरिक कलह: राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने दिया इस्तीफा, क्या अमेरिका को मिल रहा फायदा?

मुख्य बातें
- •ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सर्वोच्च नेता खामेनेई के कार्यालय में इस्तीफा भेजा, जिसमें IRGC की आलोचना की गई।
- •IRGC और सरकार के बीच अधिकार विभाजन के कारण ईरान की आंतरिक स्थिति चरमरा रही है, जिससे अर्थव्यवस्था और विदेश नीति प्रभावित हो रही है।
- •अमेरिका ने ईरान के साथ वार्ता में नई शर्तें जोड़ी हैं, जिसमें यूरेनियम भंडार को नष्ट करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोलना शामिल है।
- •ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव बढ़ रहा है, जबकि कूटनीतिक प्रयास अभी तक ठोस परिणाम तक नहीं पहुंच सके हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही कूटनीतिक वार्ता अभी तक युद्धविराम या किसी ठोस समझौते तक नहीं पहुंच सकी है। हालांकि, इस बीच ईरान के भीतर एक नई घटना ने सभी का ध्यान खींचा है। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के उत्तराधिकारी मसूद पेजेश्कियन पर आरोप है कि उन्होंने सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के कार्यालय में अपना इस्तीफा भेज दिया है। यह खबर तब सामने आई है जब ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयासों में कोई ठोस प्रगति नहीं हो रही थी।
सूत्रों के अनुसार, पेजेश्कियन ने अपने इस्तीफे पत्र में स्पष्ट तौर पर ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की आलोचना की है। पत्र में लिखा गया है कि ईरान का प्रशासनिक तंत्र नियमों से भटक चुका है और राष्ट्रीय निर्णयों पर IRGC के कुछ कमांडरों का नियंत्रण है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार को राष्ट्रीय फैसलों से अलग कर दिया गया है, जिसके कारण वे सरकार चलाने में असमर्थ हैं। हालांकि, IRGC से जुड़ी समाचार एजेंसी तस्नीम ने इस इस्तीफे की खबर का खंडन किया है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इस बात को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है।




