ईरान-अमेरिका शांति समझौता: ट्रंप-मोजतबा वार्ता के बीच हमलों का कारण क्या?

मुख्य बातें
- •अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता में शांति समझौते का मसौदा तैयार किया जा रहा है, लेकिन विश्वास की कमी के कारण समझौता मुश्किल होता जा रहा है।
- •अमेरिका द्वारा ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) से बाहर निकलने और ईरान द्वारा अपनी परमाणु गतिविधियों को बढ़ाने से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है।
- •ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने वार्ता से पहले दोनों पक्षों को अपने कदमों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता जताई है।
- •ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका के ईरान विरोधी रुख और जो बाइडेन के सत्ता में आने के बाद वार्ता की शुरुआत ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर चल रही वार्ताओं ने वैश्विक स्तर पर काफी उत्सुकता और भ्रम पैदा कर दिया है। एक ओर जहां दोनों देशों के प्रतिनिधि वार्ता की सफलता का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ ही दिनों के भीतर दोनों पक्षों द्वारा तीखे बयान और धमकियों का दौर शुरू हो जाता है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता चल रही है, जिसके दौरान शांति समझौते के मसौदे पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, इस बीच क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाले हमले भी लगातार हो रहे हैं, जिससे सवाल उठता है कि आखिर समझौते की राह इतनी कठिन क्यों है?



