ट्विशा शर्मा हत्याकांड: सीबीआई ने समर्थ और सास गिरिबाला से पूछताछ में उठाए 72 सवाल, जानिए क्या थे जवाब?

मुख्य बातें
- •सीबीआई ने ट्विशा शर्मा हत्याकांड में समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह की तीन दिन तक पूछताछ की और कुल 72 सवाल पूछे।
- •गिरिबाला सिंह ने स्वीकार किया कि ट्विशा का व्यवहार बदल रहा था और उन्हें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं।
- •समर्थ सिंह ने बताया कि 12 मई की रात को ट्विशा से उनकी आखिरी बातचीत सामान्य थी, लेकिन बाद में उसने आत्महत्या कर ली।
- •सीबीआई ने दोनों की रिमांड बढ़ाने की मांग की है क्योंकि उनके बयानों में कई विरोधाभास सामने आए हैं।
भोपाल की बहुचर्चित ट्विशा शर्मा हत्याकांड मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को सास गिरिबाला सिंह और दामाद समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत में तीन दिन की पूछताछ पूरी की। सीबीआई ने दोनों की रिमांड बढ़ाने की मांग की है। पूछताछ के दौरान सीबीआई ने दोनों से कुल 72 सवाल किए, जो मुख्य रूप से ट्विशा शर्मा से उनकी मुलाकात, शादी, पारिवारिक विवाद, मानसिक स्वास्थ्य, गर्भावस्था, 12 मई की रात की घटनाओं और शव उतारने तक के घटनाक्रम पर केंद्रित थे। पूछताछ में सामने आए विवादास्पद बयानों और विरोधाभासों के कारण सीबीआई ने उनकी रिमांड बढ़ाने का फैसला लिया है।
गिरिबाला सिंह ने सीबीआई के सवालों के जवाब देते हुए बताया कि उन्हें शादी से पहले ही ट्विशा से मिलने का मौका मिल चुका था। उन्होंने कहा कि उनका परिवार ट्विशा के ब्राह्मण परिवार से आने से खुश था और जातिगत भेदभाव जैसा कोई मामला नहीं था। उन्होंने स्वीकार किया कि शादी के बाद ट्विशा का व्यवहार बदलने लगा था। उन्होंने बताया कि ट्विशा को पौधों से लगाव था लेकिन उनकी देखभाल नहीं करती थी। साथ ही, उन्होंने कहा कि ट्विशा बच्चे पसंद करती थी लेकिन मां बनने के लिए तैयार नहीं थी। गिरिबाला ने यह भी स्वीकार किया कि शादी के पांच महीनों के दौरान ट्विशा पांच बार अपने मायके गई थी। जब उनसे पूछा गया कि अगर समर्थ निर्दोष थे तो वे फरार क्यों हुए और अग्रिम जमानत क्यों ली, तो उन्होंने इसे एक गलती माना। आर्थिक मदद के सवाल पर उन्होंने बताया कि ट्विशा को नौकरी छूटने और अन्य जरूरतों के चलते लगभग सात लाख रुपये दिए गए थे। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं, जिनके लिए डॉक्टरों से इलाज भी कराया गया था।




