विष्कुंभ योग: जानें कब बनेगा और किन राशियों के लिए यह समय सावधान!

मुख्य बातें
- •विष्कुंभ योग 7 जून 2026 को बनेगा और इसका प्रभाव 8 जून 2026 तक रहेगा।
- •वृषभ, कन्या और मकर राशि वाले जातकों के लिए यह समय सावधानी बरतने वाला है।
- •विष्कुंभ योग के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए शिव जी की पूजा सबसे उत्तम मानी जाती है।
- •संकटमोचन हनुमान जी की शरण में जाने से सभी प्रकार के अशुभ योगों का नाश होता है।
- •योग के दौरान किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल, उड़द की दाल या काले कपड़े का दान करने से भी योग के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रह-नक्षत्रों की चाल और उनसे बनने वाले योगों का विशेष महत्व माना जाता है। कुछ योग जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लेकर आते हैं, जबकि कुछ योग चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। विष्कुंभ योग एक ऐसा अशुभ योग है जो 7 जून 2026 को बनेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यह योग कई लोगों के जीवन में मानसिक तनाव, आर्थिक उतार-चढ़ाव और रिश्तों में परेशानियां बढ़ा सकता है।
विष्कुंभ योग की शुरुआत 7 जून 2026 को सुबह 10 बजकर 02 मिनट पर होगी और इसका प्रभाव अगले दिन यानी 8 जून 2026 की सुबह 09 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इस दौरान ग्रहों का संयोग कुछ ऐसा बन रहा है जो कई जातकों के लिए उतार-चढ़ाव भरा साबित हो सकता है। ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 योगों का वर्णन मिलता है, जिनमें से विष्कुंभ योग को पहला योग माना गया है। विष्कुंभ शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है विष का घड़ा। जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, इस योग को शुभ कामों के लिए बेहद वर्जित माना जाता है।






