बिहार में सरकारी बंगले विवाद: सीएम सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी पर साधा निशाना, आरजेडी ने लगाए सरकार पर बदले की राजनीति के आरोप

मुख्य बातें
- •बिहार में सरकारी बंगले विवाद: आरजेडी ने एनडीए सरकार पर बदले की राजनीति के आरोप लगाए।
- •सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, सरकारी बंगला किसी की बपौती नहीं, जनता की सेवा सर्वोपरि।
- •आरजेडी के नेताओं ने मुख्यमंत्री के स्वयं के दो सरकारी बंगलों पर काबिज होने पर सवाल उठाए।
- •अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सरकार पर विपक्ष को दबाने के आरोप लगाए और ‘लोक सेवक आवास’ पर सवाल उठाया।
- •आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने सरकार पर नियमों की अनदेखी करने के आरोप लगाए।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरकारी आवासों का मुद्दा गरमाया हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेताओं द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने के आदेश को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार की तीखी आलोचना की गई। आरजेडी ने आरोप लगाया है कि सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए सरकारी आवासों का दुरुपयोग कर रही है। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले पर पलटवार करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी बंगला किसी की निजी संपत्ति नहीं है और जनता की सेवा सर्वोपरि है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “सरकारी बंगला किसी की बपौती नहीं है। जनता की सेवा सबसे अहम होती है। पार्टी के निर्देश पर हम महज 24 घंटे में सरकारी आवास छोड़ सकते हैं।” उन्होंने तीखा व्यंग्य करते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को अलग-अलग घरों की चिंता करने की बजाय जनता के काम पर ध्यान देना चाहिए। “जब पार्टी कहेगी कि आपका काम खत्म हो गया है, तो हम अपना सामान उठाकर अपने निजी घर चले जाएंगे,” उन्होंने जोर देकर कहा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद आरजेडी ने उनकी भाषा पर सवाल उठाते हुए उनके स्वयं के सरकारी आवासों को भी निशाने पर ले लिया है।






